
यह बयान न सिर्फ पाकिस्तान की झूठी प्रचार मशीनरी की पोल खोलता है, बल्कि भारत की सैन्य शक्ति और तकनीकी बढ़त का प्रतीक भी बन गया है। S-400, दुनिया की सबसे आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों में से एक है, जिसे भारत ने रूस से खरीदा है और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ठिकानों पर तैनात किया है। पाकिस्तान का यह दावा कि उन्होंने आदमपुर एयरबेस पर तैनात S-400 को “मार गिराया”, एक ऐसा हास्यास्पद झूठ है जो उनकी सैन्य हताशा और प्रोपेगेंडा-आधारित मानसिकता को उजागर करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर में पीछे स्पष्ट रूप से वही S-400 तैनात नजर आता है, जो पाकिस्तान ने गिराने का दावा किया था। यह दृश्य खुद में एक तमाचा है उस झूठ पर, जिसकी गूंज पाकिस्तानी मीडिया और सेना के गलियारों में अब तक सुनाई दे रही है।
इस प्रकरण से साफ है कि पाकिस्तान न तो भारत की सैन्य ताकत को समझ पाया है, न ही वैश्विक तकनीकी क्षमताओं को आंकने में सक्षम है। उनका रडार अब हकीकत नहीं, भारत के डर और ताकत के सपने देख रहा है।
झूठे प्रचार और फर्जी जीत की कहानियों से पाकिस्तान अपने देश की जनता को तो बहला सकता है, लेकिन सच्चाई हमेशा तस्वीरों में मुस्कुराती है – और इस बार वो S-400 की शक्ल में मुस्करा रही है, प्रधानमंत्री की पीठ के ठीक पीछे।








