उत्तराखण्ड बना फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद, ‘बॉर्डर 2’ से लेकर क्षेत्रीय सिनेमा तक मिल रहा जबरदस्त सहयोग

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उत्तराखण्ड धीरे-धीरे देश के सबसे आकर्षक फिल्म निर्माण स्थलों में स्थान बना रहा है। इसका प्रमाण हाल ही में देहरादून के हल्दूवाला स्थित ‘बॉर्डर 2’ फिल्म के सेट पर हुआ संवाद है, जहां सुप्रसिद्ध अभिनेता सनी देओल और निर्देशक अनुराग सिंह से भेंट के दौरान उत्तराखण्ड की प्रगतिशील फिल्म नीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

यह नीति, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में, न केवल शूटिंग की शीघ्र अनुमति सुनिश्चित करती है, बल्कि प्रशासनिक सहयोग और स्थानीय संसाधनों की भी सहज उपलब्धता प्रदान करती है। डीजी सूचना  बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि फिल्म यूनिट को जिस तरह का सकारात्मक और अनुकूल वातावरण प्रदेश में मिल रहा है, वह उत्तराखण्ड को फिल्म जगत के लिए एक आदर्श स्थल बनाता है।

‘बॉर्डर 2’ जैसी बड़ी परियोजनाएं, जो 1971 के भारत-पाक युद्ध पर आधारित है, न केवल राज्य के प्रति विश्वास को दर्शाती हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही हैं। हल्दूवाला में बने कश्मीर के गांव जैसे भव्य सेट ने जहां फिल्म की मांगों को पूरा किया, वहीं रोजाना 350 स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिला।

सिर्फ ‘बॉर्डर 2’ ही नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड में वर्तमान में कई फिल्मों की शूटिंग चल रही है। ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’, जिसमें अविनाश तिवारी और मेधा शंकर मुख्य भूमिका में हैं, देहरादून में फिल्माई जा रही है। वहीं, ‘उत्तर दा पुत्तर’ जैसे सामाजिक व्यंग्य ऋषिकेश और देहरादून की पृष्ठभूमि में रचाई जा रही है।

इसके अतिरिक्त गढ़वाली सिनेमा को भी राज्य सरकार का पूरा समर्थन मिल रहा है। ‘मारचा’, ‘तेरी माया’ और ‘नमक’ जैसी क्षेत्रीय फिल्मों की शूटिंग उत्तराखण्ड की भिन्न-भिन्न लोकेशनों में हो रही है। इन फिल्मों को तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक सहायता के साथ-साथ लोकसंस्कृति और परंपरा को संरक्षित करने वाला माहौल भी मिल रहा है।

हालिया वर्षों में ‘विकी विद्या का वो वाला वीडियो’, ‘तिकड़म’, ‘पुतुल’, ‘रौतू का राज’ और ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ जैसी कई फिल्मों व वेब सीरीज की शूटिंग उत्तराखण्ड में पूरी हो चुकी है। वर्ष 2024 में ही 225 से अधिक शूटिंग अनुमतियाँ जारी होना यह दर्शाता है कि राज्य तेजी से एक पसंदीदा शूटिंग डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।

उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद न केवल लोकेशन की विविधता प्रस्तुत कर रहा है, बल्कि यहाँ की संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, तकनीकी संसाधन और प्रशासनिक सहयोग का जो समन्वय है, वह फिल्म निर्माताओं के लिए एक असाधारण अनुभव का निर्माण करता है।

Khushi
Author: Khushi

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