
ऋषिकेश में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने आईडीपीएल पुलिस चौकी का घेराव कर इस गैरकानूनी गतिविधि पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। लोगों का आरोप है कि शहर में खुलेआम शराब बेची जा रही है, जिससे महिलाओं और बच्चों को परेशानी हो रही है।
*समस्या की जड़*
ऋषिकेश जैसे धार्मिक स्थल पर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग लंबे समय से हो रही है। लोगों का मानना है कि इससे शहर की पवित्रता और सांस्कृतिक मूल्यों का हनन हो रहा है। अवैध शराब बिक्री के कारण अपराध और सामाजिक समस्याएं भी बढ़ रही हैं।
*प्रशासन की कार्रवाई*
उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में ऋषिकेश और हरिद्वार में शराब के डिपार्टमेंटल स्टोर बंद करने का निर्णय लिया है। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा, पुलिस प्रशासन ने अवैध शराब बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है¹।
*आगे की राह*
ऋषिकेश में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ लड़ाई में स्थानीय लोगों का समर्थन करना और प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रखना जरूरी है। लोगों को जागरूक करना और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करना आवश्यक है।








