

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए स्थानीय निवासी सैयद आदिल हुसैन शाह के परिवार के साथ संवेदनशील मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आदिल की मां गुलनाज अख्तर को नियुक्ति पत्र सौंपा। आदिल ने पर्यटकों को बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा दी थी। उपराज्यपाल के इस कदम से परिवार को संबल और समर्थन मिला है।
*आदिल की शहादत*
– पहलगाम आतंकी हमले में आदिल ने पर्यटकों की जान बचाने के लिए अपनी जान दी।
– उनकी बहादुरी और निस्वार्थता को देखते हुए उपराज्यपाल ने उनके परिवार को नियुक्ति पत्र दिया।
*उपराज्यपाल का समर्थन*
– मनोज सिन्हा ने आदिल के परिवार से मुलाकात कर संवेदनशीलता दिखाई।
– नियुक्ति पत्र देकर परिवार को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की।
इस पहल से जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से शहीदों के परिवारों के प्रति समर्थन और सम्मान का संदेश मिला है।जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए सैयद आदिल हुसैन शाह के परिवार के साथ मुलाकात की और उनकी मां गुलनाज अख्तर को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपा। आदिल ने आतंकी हमले के दौरान पर्यटकों की जान बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा दी थी।
उपराज्यपाल के इस कदम से आदिल के परिवार को न केवल आर्थिक संबल मिला है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का प्रतीक भी है। आदिल की शहादत और बहादुरी को देखते हुए यह पहल उनके परिवार के लिए एक बड़ा सहयोग है ।
*सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिलने से परिवार को क्या फायदा होगा?*
– *आर्थिक सुरक्षा*: सरकारी नौकरी से परिवार को नियमित आय मिलेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
– *सामाजिक सम्मान*: सरकारी नौकरी मिलने से परिवार को समाज में सम्मान मिलेगा और उनकी सामाजिक स्थिति भी सुधरेगी।
*आदिल की शहादत और बहादुरी का संदेश*
– *निस्वार्थता*: आदिल ने पर्यटकों की जान बचाने के लिए अपनी जान दी, जो निस्वार्थता का प्रतीक है।
– *बहादुरी*: आदिल की बहादुरी और साहस ने उन्हें एक सच्चा नायक बनाया।








