
देहरादून के मालदेवता क्षेत्र में एक लापरवाही भरी हरकत ने न सिर्फ प्रशासन को सकते में डाल दिया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि कैसे कुछ युवाओं के लिए जान से ज्यादा अहम होती है सोशल मीडिया पर दिखने वाली मस्ती। तेज बारिश और मौसम विभाग के ओरेंज अलर्ट के बावजूद कुछ युवक सॉन्ग नदी के किनारे पिकनिक मनाने पहुंचे। पिकनिक की मस्ती धीरे-धीरे शराब के नशे में हुड़दंग में बदल गई और नशे में चूर युवकों ने अपनी महंगी थार गाड़ी को नदी के उफनते बहाव में उतार दिया।
देखते ही देखते थार गाड़ी पानी के तेज बहाव में बहने लगी। गाड़ी बहते हुए काफी दूर तक चली गई, और मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। गनीमत यह रही कि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह घटना एक बहुत बड़ा सबक जरूर बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि युवक पूरी तरह से नशे में थे और इलाके में मौजूद लोगों की चेतावनियों को भी नजरअंदाज कर रहे थे। उनका पूरा ध्यान वीडियो बनाने और स्टंट दिखाने पर था। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें युवक पहले गाड़ी को पानी में उतारते और फिर उसे बहते देख हक्के-बक्के नजर आ रहे हैं।
प्रशासन ने पहले ही साफ कर दिया था कि भारी बारिश के कारण नदी-नालों के आसपास जाने से बचा जाए। इसके बावजूद इस तरह की लापरवाही सवाल खड़े करती है कि क्या केवल चेतावनी देना ही काफी है, या अब ऐसे मामलों में कानूनी सख्ती जरूरी हो गई है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि देवभूमि में इस तरह की बेवकूफी दोबारा न दोहराई जाए। आपदा की चेतावनी के बावजूद ऐसी हरकतें न सिर्फ खुद के लिए बल्कि दूसरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती हैं।
देवभूमि उत्तराखंड में जब प्रकृति रौद्र रूप में है, तब मस्ती के नाम पर मूर्खता करना सिर्फ एक गलती नहीं बल्कि अपराध है।








