

उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर थाना कुमाऊं टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर अपराधी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी सुशील कुमार, निवासी कैलाशपुरी एक्सटेंशन, पालम ग्राम, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली, ने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए निवेश का झांसा देकर खटीमा निवासी एक चिकित्सक से 81 लाख रुपये की ठगी की थी।
मार्च 2025 में दर्ज मामले के अनुसार पीड़ित डॉक्टर को व्हाट्सएप पर संदिग्ध नंबरों से शेयर मार्केट में निवेश का लालच दिया गया। इसके बाद उसे Canyon Assets नाम की एक फर्जी मोबाइल एप डाउनलोड करवाई गई, जिसमें उसके निवेश को मुनाफे के साथ दिखाया जाता रहा। लालच में आकर पीड़ित ने विभिन्न खातों में 81 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। शुरुआती लाभ की झलक दिखाने के बाद जैसे ही बड़ी रकम जमा हुई, आरोपी ने रकम अलग-अलग खातों में भेज दी और संपर्क तोड़ दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखंड नवनीत सिंह के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक स्वप्न किशोर एवं साइबर डीएसपी अंकुश मिश्रा के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार को जांच सौंपी गई। जांच के दौरान तकनीकी टीम ने संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप ग्रुप्स और एप डेटा का गहन विश्लेषण कर साक्ष्य जुटाए। इसके आधार पर आरोपी को दिल्ली के थाना द्वारका सेक्टर 23 क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन, नौ डेबिट कार्ड, छह सिम कार्ड, एक आधार कार्ड, एक पैन कार्ड और एक चेक बरामद हुआ है। जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए खातों में पिछले कुछ महीनों में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। साथ ही, आरोपी के विरुद्ध देश के 13 राज्यों में साइबर ठगी की कुल 30 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, दिल्ली, पंजाब और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्य शामिल हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का इस्तेमाल कर विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप जैसे ‘VIP CI Hari Singh Book Release Group’, ‘Investment Alliance Training A’, ‘Investment Alliance Training B’ आदि में लोगों को जोड़कर फर्जी एप के माध्यम से निवेश के लिए उकसाता था। एप पर नकली ग्राफिक्स के ज़रिए निवेश की गई राशि पर मुनाफा दिखाया जाता था, जिससे लोग अधिक पैसा लगाने को तैयार हो जाते थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या ग्रुप के झांसे में न आएं। विशेष रूप से गूगल पर कोई भी कस्टमर केयर नंबर न खोजें, फर्जी साइट्स या यूट्यूब-टेलीग्राम आधारित इन्वेस्टमेंट ऑफर से दूर रहें और किसी भी निवेश से पहले उसकी सच्चाई भली-भांति जांच लें। किसी भी साइबर ठगी की आशंका होने पर तत्काल 1930 नंबर पर शिकायत करें या निकटतम साइबर थाना से संपर्क करें।
एसटीएफ की इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार के साथ अपर उपनिरीक्षक सत्येन्द्र गंगोला, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल सोनू पांडेय तथा तकनीकी सहायक रवि बोरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।








